पादप जगत (Kingdom Plantae) :-
✨ मुख्य विशेषताएँ –
- बहुकोशिकीय (Multicellular) तथा यूकैरियोटिक होते हैं
- कोशिका भित्ति सेल्युलोज की बनी होती है
- क्लोरोप्लास्ट उपस्थित तथा सभी स्वपोषी (Autotrophic) होते हैं।
- भोजन स्टार्च के रूप में संचित रहता है।
- अधिकांश स्थिर (Non-motile) होते हैं।
- लैंगिक तथा अलैंगिक दोनों प्रकार का प्रजनन होता है।
आवास – जल, नम पत्थर, मिट्टी, कुछ लाइकेन में कवक के साथ भी रहते हैं।
🌱 जगत प्लांटी का वर्गीकरण (Classification of Kingdom Plantae) :-
शैवाल (Algae) :-
✨ विशेषताएँ –
- शरीर जड़, तना, पत्ती में विभाजित नहीं होते हैं।
- क्लोरोफिल युक्त होने के कारण प्रकाश संश्लेषण करते हैं
- आवास – जल, नम पत्थर, मिट्टी, कुछ लाइकेन में कवक के साथ भी रहते हैं।
- प्रजनन – लैंगिक, कायिक (विखंडन विधि) तथा अलैंगिक (बीजाणु द्वारा) होता है।
📍 उदाहरण – Chlamydomonas, Spirogyra, Ulothrix, Volvox
शैवाल का वर्गीकरण (Classification of algae) :-
(1) हरित शैवाल (Chlorophyceae) :-
- वर्णक – क्लोरोफिल a तथा b
- रंग – हरा
- संचित भोजन – स्टार्च
- कोशिका भिति – सेल्युलोज
- आवास – लवणीय तथा अलवणीय जल
- प्रजनन – लैंगिक (युग्मक संलयन द्वारा) तथा अलैंगिक (फ्लैजिलायुक्त जूस्पोर द्वारा)।
उदाहरण – यूलोथ्रिक्स, कारा, वॉल्वोक्स, क्लेमाइडोमोनास, स्पाइरोगायरा।

(2) भूरे शैवाल (Phaeophyceae) :-
- वर्णक — क्लोरोफिल a तथा c तथा फ्यूकोजैंथिन
- रंग – भूरा
- संचित भोजन – मैनिटोल लैमिनरिन
- कोशिका भिति – सेल्यूलोज तथा एलजिन।
- आवास – लवणीय (समुद्री) तथा कुछ अलवणीय।
- प्रजनन – कायिक (विखंडन द्वारा), अलैंगिक (जूस्पोर द्वारा) तथा लैंगिक (समयुग्मक, विषमयुग्मक द्वारा)।
उदाहरण – फ्यूकस, सरगासम, लेमिनेरिया।

(3) लाल शैवाल (Rhodophyceae) :-
- वर्णक – क्लोरोफिल a तथा d तथा फाइकोऐरिथ्रीन।
- रंग – लाल।
- संचित भोजन – फ्लोरिडियन स्टार्च।
- कोशिका भिति – सेल्यूलोज।
- आवास – गहरे जल में। लवणीय तथा कुछ अलवणीय।
- प्रजनन – कायिक (विखंडन द्वारा), अलैंगिक (अचल बीजाणु द्वारा) तथा लैंगिक (विषमयुग्मकी)।
उदाहरण – ग्रेसिलेरिया, जिलेडियम, पोरफायरा।

ब्रायोफाइटा (Bryophyta) :-
- इन्हें पौधा जगत के उभयचर कहते हैं क्योंकि जल और स्थल दोनों से संबंध रखते हैं।
- आवास – छायादार स्थान, नम पहाड़ी।
- मॉस तथा लिवरवर्ट इसके अंतर्गत आते हैं।

🌿 लिवरवर्ट (Liverwort) :-
विशेषताएँ –
- शरीर थैलस (thallus) या पत्तीनुमा होता है, जड़, तना, पत्ती का स्पष्ट विभाजन नहीं होता है।
- ये भूमि पर चिपके हुए (prostrate) रहते हैं।
- इनमें राइजोइड (rhizoids) एककोशिकीय (unicellular) होते हैं।
- जल की उपस्थिति में ही प्रजनन होता है।
- अलैंगिक प्रजनन जेम्मा कप (gemma cup) द्वारा होता है (जैसे Marchantia)।
- लैंगिक प्रजनन में एन्थेरिडियम (antheridium) और आर्किगोनियम (archegonium) बनते हैं।
- स्पोरोफाइट छोटा और गैमेटोफाइट पर निर्भर होता है।
उदाहरण – Marchantia,
🌱 मॉस (Moss) :-
विशेषताएँ –
- शरीर में तना (stem) और पत्तियाँ (leaf-like structures) स्पष्ट दिखाई देती हैं।
- ये छोटे-छोटे हरे पौधों की तरह दिखते हैं।
- राइजोइड बहुकोशिकीय (multicellular) होते हैं।
- ये भी नम और छायादार स्थानों में उगते हैं।
- स्पोरोफाइट अपेक्षाकृत विकसित होता है (capsule + seta)। स्पोरोफाइट में कैप्सूल (capsule) होता है जिसमें बीजाणु (spores) बनते हैं।
📍 उदाहरण – Funaria, पोलीट्राइकम, स्फैगनम।
टेरिडोफाइटा (Pteridophyta):-
पहले संवहनी (vascular) पौधे।
✨ विशेषताएँ –
- वेस्कुलर ऊतक (Vascular tissue) उपस्थित होता है। इनमें Xylem और Phloem पाए जाते हैं, जो जल और भोजन का परिवहन करते हैं।
- जड़, तना और पत्तियाँ विकसित होता है। इनका शरीर स्पष्ट रूप से root, stem और leaf में विभाजित होता है।
- बीज नहीं बनते हैं।
- ये बीजाणुओं (spores) द्वारा प्रजनन करते हैं।
- गैमेटोफाइट और स्पोरोफाइट का पीढ़ी परिवर्तन (Alternation of Generations) पाया जाता है।
- स्पोरोफाइट प्रमुख (dominant) अवस्था है। पादप का मुख्य और स्वतंत्र रूप स्पोरोफाइट होता है।
- निषेचन (fertilization) के लिए पानी आवश्यक होता है।
- नम और छायादार स्थानों में वृद्धि करते हैं। जैसे जंगल, पहाड़ी क्षेत्र आदि।
प्टरिडोफाइट्स (Pteridophytes) का वर्गीकरण :-
Pteridophytes के मुख्य वर्ग (Classes) –
1. Psilopsida (साइलोप्सिडा) :-
- सबसे आदिम (primitive) प्टरिडोफाइट्स।
- जड़ और पत्तियाँ अनुपस्थित या बहुत सरल तना।
- हरा और द्विशाखित (dichotomous)।
उदाहरण: Psilotum
2. Lycopsida (लाइकोप्सिडा) :-
- पत्तियाँ छोटी (microphyll) होती हैं।
- तना में जड़ और पत्तियाँ स्पष्ट होता है।
- स्पोरोफिल (spore-bearing leaves) बनते हैं।
उदाहरण:Lycopodium, Selaginella
3. Sphenopsida (स्फेनोप्सिडा) :-
- तना में नोड और इंटरनोड स्पष्ट।
- पत्तियाँ चक्र (whorl) में व्यवस्थित।
- सिलिका युक्त कठोर तना।
उदाहरण: Equisetum
4. Pteropsida (प्टेरोप्सिडा / Filicopsida):-
- सबसे विकसित प्टरिडोफाइट्स (ferns)।
- बड़ी पत्तियाँ (megaphyll) होती हैं जिन्हें fronds कहते हैं।
- स्पोरेन्जिया पत्तियों के नीचे sori में पाए जाते हैं।
उदाहरण : Pteris, Dryopteris
जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms):-
इनमें नग्न बीज (Naked seeds) होते हैं।
✨ विशेषताएँ –
- बीज फल से ढके नहीं होते है।
- सदाबहार पौधे होते हैं।
- शंकु (cones) बनते हैं । नर शंकु (Male cone) – परागकण (Pollen grains) बनाते हैं।
- मादा शंकु (Female cone) – अंडाशय (Ovule) होता है।यहीं निषेचन होता है।
- जड़ (Root) – Tap root system। कुछ में सहजीवी संबंध (जैसे Cycas में cyanobacteria)
- तना (Stem) – मजबूत, लकड़ीदार। द्वितीयक वृद्धि (secondary growth) होती है
- पत्तियाँ (Leaves) – सुईनुमा (Pinus) या पंखनुमा (Cycas)। जल की कमी से बचाने के लिए अनुकूलित
उदाहरण – Pinus, Cycas, Cedrus
जीवन चक्र (Life Cycle) :-
👉 Sporophyte प्रमुख होता है
👉 Gametophyte बहुत छोटा होता है।
वर्गीकरण (Classification) :-
- Cycadopsida – पाम जैसे दिखते हैं।
उदाहरण: Cycas - Coniferopsida (Conifers) – शंकुधारी पेड़, सुईनुमा पत्तियाँ
उदाहरण: Pinus, Cedrus - Gnetopsida – कुछ उन्नत लक्षण
उदाहरण: Gnetum - Ginkgopsida
केवल एक जीवित प्रजाति
उदाहरण: Ginkgo
महत्वपूर्ण तथ्य
- सबसे ऊँचे पेड़ → Conifers
- Cycas = जीवित जीवाश्म (Living fossil)
- Gymnosperms में double fertilization नहीं होता है।
एंजियोस्पर्म (Angiosperms) :-
✨ विशेषताएँ–
- फूल बनते हैं, जिसके अंदर परागकण तथा बीजांड व्यवस्थित होते हैं।
- फल बनते हैं। बीज फल के अंदर सुरक्षित होते हैं।
- पादप जगत का सबसे बड़ा वर्ग है।
- आवास — जलीय तथा स्थलीय।
- सूक्ष्म एंजिओस्पर्म वुल्फिया तथा सबसे बड़ा वृक्ष यूकेलिप्टस (100 मीo से अधिक ऊँचा)।
- मनुष्य की अधिकांश आवश्यकताओं की पूर्ति इन्ही पौधों से होती है।
- 📍 उदाहरण – Mango, Wheat, Rose, Pea
वर्गीकरण :-
दो वर्ग
(a) एकबीजपत्री (Monocot) :-
- बीज में एक ही बीजपत्र होता है।
- पतियों में समानांतर शिरा विन्यास होता है।
- रेशेदार जड़ उपस्थित होता है।
उदाहरण: गेहूँ, धान, घास, मक्का आदि।
(b) द्विबीजपत्री (Dicot) :-
- बीज में दो बीजपत्र होता है।
- पतियों में जालीनुमा शिरा विन्यास होता है।
- मुसला जड़ (tap root) होता है।
उदाहरण: मटर, आम, अमरुद्, लीची आदि।
🔁 जीवन चक्र में पीढ़ियों का परिवर्तन :-
पौधों में Gametophyte और Sporophyte पीढ़ियाँ पाई जाती हैं।
Bryophyta → Gametophyte प्रमुख
Pteridophyta, Gymnosperm, Angiosperm → Sporophyte प्रमुख।
🌍 पौधों का महत्व :-
- ऑक्सीजन प्रदान करते हैं
- भोजन का मुख्य स्रोत
- औषधियाँ, लकड़ी, रेशा, कागज आदि की प्राप्ति होती है
- पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हैं।
❓महत्वपूर्ण प्रश्न
लघु प्रश्न –
- Bryophyta को उभयचर क्यों कहते हैं?
- Gymnosperm क्या है?
- Monocot और Dicot में अंतर लिखिए।
दीर्घ प्रश्न –
- जगत प्लांटी का वर्गीकरण लिखिए।
- शैवाल के प्रकारों का वर्णन कीजिए।
- Angiosperm और Gymnosperm में अंतर लिखिए।

