ह्यूमन जीनोम प्रोजेक्ट / मानव जीनोम परियोजना ( Human Genome Project )

24/06/2020 Vinod 0 Comments

मानव कोशिका में उपस्थित सभी 46 क्रोमोसोम के संपूर्ण DNA अनुक्रम को पता लगाने, विभिन्न प्रकार के आनुवंशिक रोगों के निदान के लिए अंतराष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिकों ने सन् 1990 में एक परियोजना की कल्पना की जिसे ह्यूमन जीनोम प्रोजेक्ट / मानव जीनोम परियोजना या HGP कहते हैं। यह योजना अप्रैल 2003 में पूर्ण हुई थी।

  • मानव जीनोम परियोजना एक बहुत बड़ी योजना है जो मानव हितकारी उद्देश्यों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।इस योजना में कुल खर्च लगभग 9 बिलियन US- dollar हुई थी।
  • जीवविज्ञान के इस क्षेत्र को जैव सुचना-विज्ञान ( bioinformatic ) कहते हैं ।इस विज्ञान में जीवो के जीनोम संबंधित आंकड़ों का संग्रह, विश्लेषण एवं इसके उपयोग की जानकारी प्राप्त होती है।

मानव जीनोम परियोजना के लक्ष्य ( Goals of Human Genome Project ) :-

1. मानव कोशिका में पाए जानेवाले सभी जीनों ( लगभग 20,000 से 25,000) के बारे में जानकरी प्राप्त करना।

2. सभी मानव डीएनए के निर्माण में लगे लगभग 3 बिलियन नाइट्रोजन क्षार युग्म के अनुक्रमों का निर्धारण करना।

3. प्राप्त जानकारी को आंकड़ों के रूप में संग्रह करना।

4. सभी आंकड़ों का विश्लेषण करना, इसके लिए नए नए तरीकों का उपयोग करना।

5.इस योजना में आनेवाले कानूनी, सामाजिक ,नैतिक आदि मुद्दों के बारे में विचार कर निर्णय लेना।

मानव जीनोम परियोजना के कार्य प्रणाली ( Methodologies of Human Genome Project) :-

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  • HGP में दो मुख्य तरीकों का उपयोग किया जाता है। पहली विधि के अन्तर्गत उन सभी जीनों की पहचान की जाती है जो RNA के रूप में व्यक्त होता है। इसे व्यक्त अनुक्रम घुंडी कहा जाता है। दूसरी विधि में जीन के सभी अनुक्रमों (coding एवं noncoding) की जनकरी प्राप्त की जाती है एवं इसके विभिन्न खंडो के कार्यों को निर्धारित किया जाता है। इसे सधारण अनुक्रम कहते है
  • अनुक्रम करने के लिए कोशिका के पूर्ण DNA को सर्वप्रथम अलग कर छोटे छोटे खंडों में काटा जाता है। DNA के इन खंडों का क्लोन तैयार करने के लिए उचित होस्ट एवं खास संवहाक का उपयोग किया जाता है। अनुक्रम से जो आंकड़ा उपलब्ध होता है उसे क्रमबद्ध करने के लिए कंप्यूटर आधारित विशेष प्रोगाम की जरूरत पड़ती है।

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मानव जीनोम परियोजना की मुख्य विशेषताएं ( Important features of HGP) :-

  1. मानव जीनोम में लगभग 3 मिलियन नाइट्रोजन क्षार पाए जाते हैं।
  2. प्रत्येक जीन में लगभग 3000 नाइट्रोजन क्षार पाए जाते हैं। मानव जीनोम में पाई जानेवाली सबसे बड़ी जीन dystrophin है। इसमें लगभग 2 मिलियन क्षार उपस्थित रहते हैं।
  3. पहले के अनुमानित जीनों की संख्या 80,000 की तुलना में काफी कम जीन यानी 30,000 ही पाए जाते हैं।
  4. अब तक जितने भी जीन खोज हो पाई है उनमें 50% से अधिक जीनों की जानकारी नहीं हो सकी है।
  5. प्रोटीन का कोडिंग केवल 2% से भी कम जीनोम के द्वारा होता है।
  6. मानव जीनोम का एक बड़ा भाग पुनरावृति अनुक्रमों से निर्मित होता है।
  7. मानव जीनोम के विस्तार से अध्ययन करने से यह ज्ञात हुआ है कि क्रोमोसोम 1में सबसे अधिक जीन 2968 पाए जाते हैं जबकि y क्रोमोसोम में सबसे कम 231 रहते हैं।
  8. मानव जीनोम में लगभग 1 मिलियन जगहों पर वैज्ञानिकों ने अलग इकाहरा क्षार का पता लगाया है। इससे मानव रोग संबंधित DNA अनुक्रमों को जानने में काफी मदद मिली है।

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