प्रतिरक्षा तंत्र क्या है? प्रतिरक्षा तंत्र के कितने प्रकार होते है?

22/02/2022 Vinod 0 Comments

प्रतिरक्षा तंत्र क्या है?

उत्तर – प्रतिरक्षा तंत्र हमारे शरीर की संक्रमण से रक्षा करता है। इसके अध्ययन को प्रतिरक्षा विज्ञान (Immunology) कहते हैं। इसके विभिन्न क्रियाकलाप द्वारा वातावरण में उपस्थित विषाक्त भोजन -पदार्थ, रसायन, परागकण तथा सूक्ष्म जीवों से रक्षा कर सकते हैं।

  • यदि कोई एंटीजन या विषैले पदार्थ हमारे शरीर में प्रवेश कर जाए तो उन्हें नष्ट करने के लिए हमारे शरीर के अंदर एक रासायनिक पदार्थ का निर्माण होता है जिसे एंटीबॉडी कहते हैं। यह विषैले पदार्थ को उदासीन कर देता है या उससे मिलकर उसे अप्रभावी बना देता है। प्रतिरक्षा (immunity) की यह सामान्य क्रियाविधि है।

प्रतिरक्षा तंत्र के प्रकार :-

यह दो प्रकार के होते हैं –

(1) अंतर्जात (innate)

(2)उपार्जित (acquire) या अनुकूली (adaptive)

अंतर्जाट प्रतिरक्षा तंत्र (Innate immunity) :-

यह शरीर के अंदर बाहरी कारकों को प्रवेश करने नहीं देता है। यह निम्नांकित चार प्रकार के रोधिकाओं द्वारा बना होता है।

(a) शरीर क्रियात्मक रोधिका :-

इसके अंतर्गत शरीर का स्राव, ताप, pH एवं रोगजनक सूक्ष्म जीवों की वृद्धि। इसका उदाहरण है आमाशय में उपस्थित सूक्ष्म जीवों का आमाशयिक अम्लीयता से नष्ट हो जाना।

(b) शारीरिक रोधिका :-

यह बाहरी कारकों को शरीर के अंदर नहीं जाने देता है। जैसे त्वचा तथा श्लेष्मा झिल्ली आदि।

(c) फैगोसाइटिक रोधिका :-

यह बड़ी अनियमित आकार की कोशिका है जो विषाणु, सूक्ष्मजीव आदि को निगल जाती है। न्यूट्रोफिल्स भी फैगोसाइट्स जैसा कार्य करता है।

(d) ज्वलनशील रोधिका :-

कभी-कभी कुछ संक्रमण या किसी कारणवश उतकों में कुछ आघात लगने से त्वचा फूल जाती है या लाल हो जाती है, दर्द करता है तथा ताप उच्च हो जाता है। यह एक ही स्थान में होगा एवं इसे ज्वलनशील अनुक्रिया कहते हैं। यह एक विशेष प्रकार के रसायन हिस्टामिन के लिए होता है। यह हिस्टामिन मास्टर कोशिका द्वारा स्रावित होता है। अनेक फैगोसाइटिक कोशिकाएं भी उस स्थान में आ जाती है एवं यह सभी सूक्ष्म जीवों को नष्ट कर देते हैं।

उपार्जित प्रतिरक्षा तंत्र (acquire immunity) :-

इस प्रकार के प्रतिरक्षा तंत्र विशेष प्रकार के सूक्ष्मजीवों को पहचान सकता है। इसमें दो प्रकार की कोशिकाएं भाग लेती है – लिंफोसाइट्स कोशिका तथा एंटीजन के विरोध में बने एंटीबॉडी।

लिंफोसाइट कोशिकाएं दो प्रकार की होती है T- लिंफोसाइट एवं B- लिंफोसाइट कोशिकाएं। दोनों प्रकार के लिंफोसाइट्स एवं प्रतिरक्षा तंत्र में भाग लेने वाले अन्य सभी कोशिकाएं अस्थि मजा में बनते हैं। कोशिका के बनने की इस प्रक्रिया को हेमेटोपोइसिस कहते हैं।

T- लिंफोसाइट्स निम्नलिखित कोशिकाओं का निर्माण करता है-

(a) किलर कोशिकाएं (killer cells) –

आक्रमण के स्थान पर यह कोशिकाएं एक प्रकार का रसायन तैयार करते हैं जिससे फगोसाइट्स (फैगोसाइट आकर्षित होता है, जो एंटीजन को नष्ट करता है तथा अन्य T- कोशिकाओं को आकर्षित करता है।

(b) सहायक T- कोशिकाएं (Helper T-cells) :-

ये एंटीबॉडी तैयार करने के लिए B – कोशिकाओं को उद्दीप्त करते हैं।

(c) निरोधक T – कोशिकाएं (suppressor T-cells) :-

ये प्रतिरक्षा तंत्र को पूर्ण रूप से दमन करने के लिए है।

कुछ T – lymphocytes मेमोरी कोशिकाओं का निर्माण करते हैं।

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जन्मजात प्रतिरक्षा तथा उपार्जित प्रतिरक्षा में अन्तर।

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