तंबाकू और उनके हानिकारक प्रभाव

23/03/2022 Vinod 0 Comments

तंबाकू और उनके हानिकारक प्रभाव ( Tobacco and its harmful effects) :-

तंबाकू में निकोटीन नामक मादक पदार्थ मौजूद होता है जो मादक होने के साथ-साथ विषैला भी होता हैं। तंबाकू कई रूपों में इस्तेमाल किया जाता है ।जैसे – बीड़ी, सिगरेट, पान, खैनी आदि के रूप में । लगातार अपेक्षाकृत लंबे समय तक इसके सेवन के फलस्वरुप सेवनकर्ता के नाक, गले, फेफड़ों आदि में धीरे-धीरे टार (tar) नामक हानिकारक पदार्थ संचित हो जाता हैं, जिससे खांसी एवं गले में खराश उत्पन्न हो जाती है।

तंबाकू का सेवन मनुष्य 400 वर्षों से भी अधिक समय से करता आ रहा है।

  • इसके सेवन से रक्तचाप स्थायी रूप से बढ़ने लगता है। हृदय पर दबाव काफी बढ़ जाता है।
  • धूम्रपान हृदय को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण कारक है ।यही कारण है कि धावकों और खिलाड़ियों को धूम्रपान नहीं करने की सलाह दी जाती है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आदेश पर सभी सिगरेट पैकटों पर यह निर्देश उत्पादकों द्वारा लिखना अनिवार्य है, धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए घातक है ।
  • लगातार और काफी मात्रा में तंबाकू के सेवन से कैंसर रोग भी हो सकता है और हृदय गति रुक सकती है। दोनों ही स्थितियों में व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है।
  • बीड़ी और सिगरेट के धुए में अनऑक्सीकृत निकोटीन के अतिरिक्त कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन सायनाइड जैसे जहरीली गैस भी होते हैं । ये सभी स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक होती है।
  • जो व्यक्ति धूम्रपान नहीं भी करते हैं, किंतु धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों के साथ अधिक समय तक व्यतीत करते हैं तब उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। धूम्रपान न करने वाले व्यक्ति भी धूम्रपान करने वाले द्वारा छोड़ा गया धुआं अपने सांस के साथ शरीर के अंदर बराबर खींचते रहते हैं। यह स्थिति तो और भी घातक होता है क्योंकि उस व्यक्ति का इस पर कोई नियंत्रण नहीं होता है।
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तंबाकू के हानिकारक प्रभाव ।
इसके सेवन कम करने या रोकने के लिए निम्नलिखित विषयों पर विशेष ध्यान देना होगा।
  • हमें बच्चे को सम्मान देना चाहिए और उन्हें उत्साहित करना चाहिए। इससे उनके व्यक्तित्व का विकास होगा।
  • बच्चों को आरंभ से ही समस्याओं, दबाव और असफलताओं को भी जीवन का एक हिस्सा समझने की शिक्षा देना चाहिए । इसके अलावा उन्हें पढ़ाई, संगीत और योग जैसी दिशाओं में लगाना चाहिए जिससे उनका मन आनंदमय होगा।
  • जब धूम्रपान का प्रयोग बढ़ जाए तब इसको कम या पूर्णरुप से बंद करने के लिए माता-पिता, मित्रों और समकक्ष को सब से मिलकर परामर्श लेना चाहिए एवं सलाह मानना चाहिए।
  • माता-पिता, अध्यापक या मित्र अगर किसी को मादक द्रव्य का इस्तेमाल करते देखे तो इसके सही कारणों का पता लगाने का उचित उपाय करना चाहिए और इसके समुचित चिकित्सा के लिए डॉक्टरों से परामर्श लेकर रोगी का उपचार करना चाहिए।
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तंबाकू निषेध दिवस संकेत ।

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