किसी पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह कैसे होता है? सचित्र समझाएं।

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पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह (Flow of energy in Ecosystem) :-

ऊर्जा का 10% प्रवाह नियम (10% law of energy transfer) के अनुसार पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह होता है। इस नियम के अनुसार आहार श्रृंखला के प्रत्येक पोषी स्तर पर उनके कुल ऊर्जा का 10% ही अगले पोषी स्तर में स्थानांतरित होता है। शेष 90% ऊर्जा का उपयोग विभिन्न कार्यों में हो जाता है।

ऊर्जा का 10% प्रवाह नियम को सन् 1942 में लिंडमैन (Lindemann) ने प्रस्तुत किया था।

किसी आहार श्रृंखला के उत्पादक (हरे पौधों) में सबसे अधिक ऊर्जा संचित रहता है। अगले पोषी स्तर में यह ऊर्जा लगातार घटता जाता है और अंत में उच्च श्रेणी के उपभोक्ता (Top consumers ) में सबसे कम ऊर्जा रह जाता है।

जैसे – चित्र के अनुसार –

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एक मैदानी पारिस्थितिक तंत्र (Grassland Ecosystem) में घास (grasses ) के पास 30000 joules ऊर्जा है, जिसका 90% विभिन्न कार्यों में उपयोग हो जाता है। शेष 10% यानी 3000 joules प्राथमिक उपभोक्ता (Primary consumers) में स्थानांतरित हो जाता है, फिर प्राथमिक उपभोक्ता (Primary consumers) से 3000 joules का 10% यानी 300 joules द्वितीय उपभोक्ता (Secondary consumers) में और अंत में वहां से 300 joules का 10% यानी 30 joules तृतीय उपभोक्ता (Tertiary consumers) या उच्च श्रेणी के उपभोक्ता (Top consumers ) में स्थानांतरित हो जाता है।

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