जैव प्रौद्योगिकी क्या है? रासायनिक अभियांत्रिकी पर टिप्पणी।

जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology) :

जैव प्रौद्योगिकी एक ऐसा तकनीक है जिसके द्वारा सजीवों या उनके एंजाइम्स का उपयोग करके ऐसे उत्पाद बनाए जाते हैं, जो मानव के लिए उपयोगी होते हैं।

  • दैनिक जीवन में काम आनेवाली अनेक महत्वपूर्ण चीजें इसी प्रकार के उत्पाद है। जैसे :– वृद्धि हार्मोन (Growth hormone), इंटरफेरॉन, इंसुलिन, टीका (Vaccine), एंटीबायोटिक्स औषधियां, कार्बनिक अम्ल, IVF द्वारा टेस्ट ट्यूब बेबी, gene synthesis उसका correction आदि।
  • European Federation of Biotechnology (EFB) द्वारा दी गई परिभाषा – उत्पादों तथा सेवाओं के लिए प्राकृतिक विज्ञान एवं सजीवों, कोशिकाओं तथा उनके भागों, आण्विक अनुरूपों का समायोजन (integration) करना आदि जैव प्रौद्योगिकी कहलाता है।

जैव प्रौद्योगिकी का सिद्धांत (Principles of Biotechnology) :-

आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी के विकास में दो प्रमुख तकनीकों का योगदान है :

  1. रासायनिक अभियांत्रिकी
  2. आनुवंशिक अभियांत्रिकी

रासायनिक / जैवप्रक्रम अभियांत्रिकी (Chemical / Bioprocess Engineering) : –

रासायनिक अभियांत्रिकी जैव प्रौद्योगिकी की वह शाखा है जिसमें रोगाणुरहित (सूक्ष्मजीव संदूसन रहित) वातावरण बनाकर केवल वांछित सूक्ष्मजीवों को यूकैरियोटिक कोशिकाओं में वृद्धिकर अधिक मात्रा में जैव प्रौद्योगिकी उत्पादों का निर्माण किया जाता है। जैसे :– टिके (Vaccines), एंजाइम्स तथा एंटीबायोटिक्स का उत्पादन।

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